best hindi poem

heidelberg, autumn, view

कभी कभी दिल घबराएगा

कभी कभी दिल घबराएगासब कुछ बेजा नज़र आएगातन्हाई घेरे जो कभी, तोहाथ तलाशे साथ कहीं, तोआँखों में सागर उतरे, तोकतरा-कतरा दिल बिखरे, तोपरछाई जब साथ नहीं देजान रहे पर साँस नहीं लेजिस्म से जैसे रूह भी छूटेतेरा तुझसे रब्त भी टूटेदूर तलक़ कुछ नज़र न आयेवीराना हर स्वप्न जलाएतब तुम मुझको याद में लानामेरे इश्क़ …

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bed, bloom, flower

तुम्हारे नाम के साथ एक ज़िन्दगी

ख़्वाब देखा करो ख्वाहिशें करते चलोऔर हौले-हौले ज़िन्दगी में ढलते रहोउम्मीद घना एक कोहरा हैख़ुशनुमा मगर एक कोहरा हैधुँधला एक लंबा सफ़र करते रहोगिरी शाख की जगह से फिर पीक आएगा क्या?पता नहीं, लेकिन पुरानी शाख गिराकरएक नया अरमान लिए चलते रहोसारी इच्छाएँ चाहतें नदिया सी हैंकौन कहाँ गुम हो जाए ?किसमें कौन-सी मिल जाए …

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quill, pen, write

कहानी-बूँद बूँद ज़िन्दगी

सुनो? ज़रा उधर देखो, कितना प्यारा नज़ारा है! एक तरफ सूरज दूसरी तरफ चंद्रमा,नीचे लहराता समंदर और यहाँ धरती पर साथ में बैठे हम । पीछे देखूँ तो मुझे अब तक की अपनी सारी ज़िन्दगी में इससे खूबसूरत लम्हा नहीं दिखता । कुछ देर चुप रहकर मैं फिर कहता हूँ। अच्छा,ऐसा तो नहीं कि तुम्हें …

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nature, waters, lake

आज बरस कर बादल ने किसकी सुनी फरियाद दुआ

आज बरस कर बादल ने किसकी सुनी फरियाद दुआआह सुनी धरती की या अपने मिलन से चूर हुआभीगे हम-तुम साथ जहाँ के पर देखो क्या हुआ असरदहक उठा सारा आलम बस हम दोनों में प्यार हुआ चाहत थी तुम मेरी बनो पूरी ये मनुहार हुईसाथ तुम्हारे ये दुनिया देखते ही संसार हुईतेरे नैना दर्पण मेरा …

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sunset, ponte de lima, portugal

ख़ालीपन

बेकार कहें ये लोग मुझेकहें,कोई काम नहीं आता,तन्हा ही बैठा रहे हमेशागुमसुम-सा फिरता रहता है,वो समझें मैं बर्बाद हुआऔर मैं,मैं देखता हूँ जब शख्स कोईतो सोचता हूँहर एक की वही रवानी है,वही सुबह अखबार में खोईदफ्तर से शाम थकी आईऔर रात को बड़ा गहरा ग़म हैमानोआती सुबह कोई मातम है,चाभी-भरी घड़ी हो जैसेआदमी भी चलता …

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book, poems, persian poet

नज़्म:-‘जागते-जागते इक उम्र कटी हो जैसे’

जाने क्या बात इशारात करे है दिल मेंआहटें द्वार करे बेज़ार करे पल-पल मेंहिज़्र की रात में अक्सर ये गुमाँ होता हैवो है यहीं छुपके मुझे देख रही हो जैसेबंद आँखें यही महसूस किया करती हैकानों के करीब तेरी साँस उठी हो जैसेख़ाब की बात भी लगती है मुझे ख़ाबों-सीतुझको न देखके आँखें भी पिघलती …

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