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अरेंज मैरिज

ख़ुदा का करम याकहो इश्क़ का सितमतुम्हें मिलना था इस तरहसबकी रज़ा अपनी खुशीये करामातें इश्क़ कीन-जान सका कोईपहचान सका कोईकभी जंगल-सी उगती हैकभी गमलों में खिलाई गईरास्ते खुद ही चुनती हैदिल में आप महकती हैया महक दिल तक पहुँचाती हैतेरे-मेरे मिलने का दूसरा ज़रिया थातुमको मुझ तक पहुँचाया गयामुझको तुमसे मिलवाया गयापर हमारा मिलना …

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