आज बरस कर बादल ने किसकी सुनी फरियाद दुआ

nature, waters, lake

आज बरस कर बादल ने किसकी सुनी फरियाद दुआ
आह सुनी धरती की या अपने मिलन से चूर हुआ
भीगे हम-तुम साथ जहाँ के पर देखो क्या हुआ असर
दहक उठा सारा आलम बस हम दोनों में प्यार हुआ

चाहत थी तुम मेरी बनो पूरी ये मनुहार हुई
साथ तुम्हारे ये दुनिया देखते ही संसार हुई
तेरे नैना दर्पण मेरा मैं तेरा श्रृंगार हुआ
और हमारी उम्र के मौसम में पतझड़ की हार हुई

आसमान की दुनिया में चाँद नगर तुझको ले चलूँ
ओस के बूंदे पहनाऊँ रिमझिम पायल में गूँथूँ
चाँदनी आँचल में भर दूँ सूरज हो जाये बिंदिया
तुम जो थामो हाथ मेरा फिर देखो मैं क्या ना करूँ

पागलपन सब में कुछ कुछ है एक दवा हो कैसे भला
हम-तुम इश्क़ में पागल बाकी सब में मान का भूत पला
जात-धरम भूले सब दुश्मन सबका दुश्मन प्यार हुआ
सब पगलों का एक ख़ुदा है कह कर किसने किसको छला

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