गायत्री मंत्र सबसे शक्तिशाली क्यों माना जाता है: जानिए इसका जप करने के चमत्कारी फायदे

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वेद-पुराणों के अनुसार, गायत्री मंत्र एक ऐसा मंत्र है, जो अन्य कई मंत्रों से बहुत अधिक प्रभावशाली बताया गया है, इसकी महिमा इतनी ज्यादा बताई गई है कि इसे ओम के बराबर माना गया है। ऐसी भी मान्यता है कि गायत्री मंत्र का उच्चारण करने व इसका अर्थ समझने से साक्षात ईश्वर की प्राप्ति होती है। हालांकि गायत्री मंत्र का जप करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखना चाहिए तभी इस मंत्र का पूर्ण लाभ प्राप्त होता है। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्यों खास है गायत्री मंत्र और हमारे लिए कितना शुभ फलदायी होता है?

क्या है गायत्री मंत्र:-

ऊँ भूर्भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्

क्या है गायत्री मंत्र का अर्थ:-

गायत्री मंत्र की महिमा जानने से पहले इसका अर्थ जानना आवश्यक है, तभी वह अधिक शुभ फलदायी होता है।

गायत्री मंत्र का अर्थ है:- उस सर्वरक्षक प्राणों से प्यारे, दुःखनाशक, सुखस्वरूप श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अंतरात्मा में धारण करें.. तथा वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करें

गायत्री मंत्र ऐसा उपाय है जिससे किसी भी प्रकार की समस्या को दूर किया जा सकता है। मनचाही वस्तु की प्राप्ति और इच्छा पूर्ति के लिए इस मंत्र के जप से अधिक अच्छा साधन कोई और नहीं है। सभी मंत्रों में गायत्री मंत्र सबसे दिव्य और चमत्कारी है।

गायत्री मंत्र का जप करने का सही समय:-

वेद-पुराणों में इस जप को करने के लिए तीन समय उपयुक्त बताए गए हैं। पहला समय प्रात:काल का, सूर्योदय से थोड़ी देर पहले गायत्री मंत्र का जप शुरू करके सूर्योदय के बाद तक करना चाहिए, दूसरा समय है दोपहर का, दोपहर में भी इस मंत्र का जप किया जाता है। और तीसरा समय है शाम का सायंकाल में सूर्यास्त के कुछ देर पहले मंत्र जप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जप करना अच्छा माना गया है। इन तीन समय के अलावा यदि गायत्री मंत्र का जप कभी और करना हो तो मौन रहकर या मानसिक रूप से जप करना चाहिए। मंत्र जाप अधिक तेज आवाज में नहीं करना चाहिए।

क्रोध को शांत करता है:-

गायत्री मंत्र के उच्चारण से हम अपने क्रोध को शांत कर सकते है, गायत्री मंत्र का उच्चारण करने से शरीर की अनेक बीमारियों से भी छुटकारा मिल सकता है। ऐसा माना गया है कि इसके उच्चारण से रक्त का संचार सही तरह से होता है और ये हमारे गुस्से व क्रोध को शांत करने में बहुत प्रभावशाली है। रोज सुबह नहाने के बाद जप करने से मैं शांत होता है।

विद्यार्थियों के लिए है लाभदायक:-

पढ़ने-लिखने वाले बच्चों के साथ यह समस्या होती है कि वे याद किया हुआ जल्दी भूल जाते है या फिर पढ़ाई-लिखाई में मन नहीं लगता है, यह माना गया है कि गायत्री मंत्र का उच्चारण करना उनके लिए बहुत ही लाभदायक होता है, जिनकी स्मरण शक्ति कमजोर होती है उन विद्यार्थियों के लिए गायत्री मंत्र बहुत ही असरकारी होता है। प्रतिदिन गायत्री मंत्र का उच्चारण इन सभी परेशानियों से छुटकारा तो दिलाता ही है साथ ही इससे ज्ञान में भी बढ़ोत्तरी होती है। रोजाना इस मंत्र का एक सौ आठ बार जाप करने से विद्यार्थी को सभी प्रकार की विद्या प्राप्त करने में आसानी होती है। 

समस्याओं से मुक्ति मिलती है:-

वर्तमान समय में बिजनेस में परेशानी आना, बेरोजगारी, कम आय होना, किसी कार्य में सफलता न मिलना आदि इन सभी समस्याओं से गुजरना पड़ता है लेकिन ज्योतिष विद्या में इन सबके लिए गायत्री मंत्र का जप करना असरकारी बताया गया है। हमारे जीवन की परेशानियों से निपटने के लिए गायत्री मंत्र का उच्चारण अवश्य करें।

सोया हुआ भाग्य जगाता है:-

ज्योतिषशास्त्र में गायत्री मंत्र का एक बेहद आसान उपाय बताया गया जिससे हमें वाकई बहुत लाभ मिल सकता है। इसके अनुसार जब भी कभी हवन करें तो गायत्री मंत्र के साथ नारियल का बुरा तथा घी का प्रयोग करने से सभी शत्रुओं से छुटकारा पाया जा सकता है और अगर नारियल के बुरे में शहद भी मिला कर डाला जाए तो हमारा सोया हुआ नसीब भी जाग जाता है।

संतान के लिए है लाभदायक:-

यदि किसी दंपत्ति को संतान प्राप्ति में कोई समस्या आ रही हो या फिर संतान बीमार रहती हो तो इस समस्या से निपटने के लिए पति-पत्नी को श्वेत रंग के कपड़े पहन कर ‘यौं’ बीज मंत्र के साथ गायत्री मंत्र का उच्चारण करना चाहिए, ऐसा करने से संतान प्राप्ति के साथ संतान को रोगों से मुक्ति भी मिलती है।

सूर्य गृह होता है मजबूत:-

ज्योतिष विद्या के अनुसार, गायत्री मंत्र विशेषकर सूर्य देवता के लिए होता है, इसके उच्चारण मात्र से कुंडली सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है और ज्योतिष विद्या की मानें तो कुंडली में सूर्य का मजबूत होना मान सम्मान और सरकारी कामों के लिए बहुत आवश्यक है। इसलिए सूर्य को प्रसन्न करने के लिए गायत्री मंत्र का उच्चारण अवश्य करें।

नकारात्मक ऊर्जा कम होती है:-

वास्तुशास्त्र के अनुसार, जहां कहीं भी वास्तुदोष होता है या घर के जिस हिस्से में ये दोष होता है वहां से नकारात्मक ऊर्जा निकलती है, यह हमारे दिमाग पर भी असर डालती है। ऐसे में, ज्योतिष विद्या कहती है कि गायत्री मंत्र का प्रतिदिन उच्चारण अवश्य करें क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव खत्म होता है।

रोगों से मिलती है मुक्ति:-

किसी दिन में शुभ काल देखकर दूध, दही, घी, और शहद मिलाकर 1000 बार गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ हवन करें, माना जाता है कि ऐसा करने से आंखों का रोग एवं पेट का रोग पूरी तरह खत्म हो जाएगा। आंखों की रोशनी भी तेज होती है।

दरिद्रता के नाश के लिए:-

यदि किसी व्यक्ति के व्यापार या नौकरी में हानि हो रही है या कार्य में सफलता नहीं मिल रही, आमदनी कम है तथा व्यय अधिक है तो उन्हें गायत्री मंत्र का जप बहुत फायदा पहुंचाता है। शुक्रवार को पीले वस्त्र पहनकर हाथी पर विराजमान गायत्री माता का ध्यान कर गायत्री मंत्र के आगे और पीछे श्रीं सम्पुट लगाकर जप करने से दरिद्रता (गरीबी) का नाश होता है। इसके साथ ही रविवार को व्रत किया जाए तो ज्यादा लाभ होता है।    

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